कोयला वेतन समझौता को जल्द पूरा न करने पर कोल उद्योग में होगा आंदोलन – के.लक्ष्मा रेड्डी

कोयला वेतन समझौता को जल्द पूरा न करने पर कोल उद्योग में होगा आंदोलन – के.लक्ष्मा रेड्डी

कोल उद्योग लाभ में होने के बाद मजदूरों के अधिकारो पर डाला जा रहा ढाका

सारनी।वेतन समझौता 11 लागू ना होने की वजह से बीएमएस ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उग्र आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है और कोल उद्योग के बीएमएस के प्रभारी के.लक्ष्मा रेड्डी के माध्यम से कोल प्रबंधन को चेतावनी देने का कार्य किया वहीं भारतीय मजदूर संघ बीएमएस क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रमोद सिंह ने बताया कि उन के माध्यम से जारी किए गए दिशा निर्देश के अनुरूप क्रमबद्ध तरीके से आंदोलन की रूपरेखा बनाई जा रही है जिसके तहत उनके दिशा निर्देशन पर ही कार्य किया जा रहा है बीएमएस के एरिया अध्यक्ष प्रमोद सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कोयला उद्योग में कार्यरत कामगारों का वेतन समझौता-11 का सिर्फ मिनिमम गारंटी बेनिफिट 19 प्रतिशत में ही जे बी सी सी आई कि 8 वीं बैठक मे सहमति बनी है।अन्य सभी शेष बिंदुओंपर जल्द बैठक बुलाकर मार्च 2022 के अंत तक फाइनल करने का भारतीय मजदूर संघ ने पुरजोर प्रयास किया।लेकिन कोल इंडिया प्रबंधन के कुछ शीर्ष अधिकारी जानबूझकर किसी संघठन  विशेष को मदद करने के चक्कर में 10 फरवरी 2023 को कोलकाता हाईकोर्ट का निर्णय आने के पश्चात भी  जे बी सी आई कि 9 वी बैठक आयोजित करने में जानबूझकर विलंब कर रहै।जिससे अन्य जे बी सी सी आई 11 के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी तक चर्चा कर सहमति बनाना शेष रह गया है।भारतीय मजदूर संघ प्रयासरत है कि जल्द ही जेबीसीसीआई की होने वाली बैठक में सभी यूनियन से समन्वय बनाकर 11वें वेतन समझौता को अंतिम रूप दिया जाएगा उसके बाद ही इसे मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।इस बीच कुछ ऑनलाइन और सोशल मीडिया ग्रुप चलाने वाले अज्ञानी, स्वार्थपरस्त तथाकथित पत्रकार(अपने आपको बोलने वाले) द्वारा BMS एवं कोल उद्योग प्रभारी के खिलाफ दुष्प्रचार कर कोयला मजदूरों को भ्रमित करनेका कार्य कर रहे है की 19 प्रतिशत एमजीबी अभी तक लागू नही हो पाया है,और मामला अधर में लटका है।जबकि अभी तक वेतन समझौता के अन्य शेष बिन्दुओं पर आम सहमति नहीं बनी है।सभी बिंदुओं पर आम सहमति बनने के उपरांत ही मंत्रालय में स्वीकृति  के लिए भेजा जाता है।इसके पूर्व के वेतन समझौता में भी यही हुआ है।भारतीय मजदूर संघ  जेबीसीसीआई की 9 वीं  बैठक जल्द हो इसलिए प्रयासरत है। जे बीसीसीआई कि 9 वीं बैठक में बीएमएस अन्य सभी यूनियन के साथ समन्वय बनाकर मजदूर हित में जल्द वेतन समझौता को अंतिम रूप देने के लिए कोल इंडिया प्रबंधन पर  दबाव बनाएगा।प्रबंधन द्वारा यदि अड़ियल रवैया अपनाने पर कोल उद्योग में तीव्र आंदोलन किया जाएगा। बीएमएस की एरिया अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि कोल इंडिया के कर्मचारियों को वेतन समझौता जुलाई 2022  से ही दिया जाना था लेकिन प्रबंधन की हठधर्मिता की वजह से कोयला कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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